मिश्री को बाग़ लगा दे रसिया Mishri Ko Baag Laga De Rasiya

मिश्री को बाग लगादे रसिया में  गीत को बहुत ही प्रेम भरे अंदाज में लिखा है निर्मल मिश्र ने और इस प्रेम रस भरे गीत को अपनी मीठास भरी आवाज में गाया है मरुकोकिला  के नाम से देश भर में विख्यात गायिका सीमा मिश्रा ने। गीत का निर्देशन किया है, गौरी निम्बोली के खारी लगने पर साजन को मिश्री का बाग लगाने को कह रही है। और वो अपने साजन की तारीफ कर रही है कि मुझे तो बस मेरा साजन ही रंग रंगीला लगता है

अब महिलाओं की आदतों से तो पूरा संसार वाकिफ है कि कैसे वो मीठा-मीठा बोल कर अपनी बातें मनवा लेती हैं और मीठे मीठे बोलों से साजन की बुरी आदतों से साजन को रूबरू करवा देती हैं। गीत में सजनी साजन की तारीफ करते करते सामने वाली पड़ोसन की बड़ी बुराई बड़ी चतुराई से करती है और कहती है कि मैं सब जानती हूं कि कैसे छिप-छिप कर आप उसे देखते हो। साजन और सजनी की नोंक-झोंक और पड़ोसन के लटके -झटकों का बड़ा ही अच्छा चित्रण आपको वीणा  के गीत मिश्री को बाग लगादे रसिया में देखने को मिलेगा



Song Detail


  • Song: Mishri Ko Baag Laga De
  • Album - Kuve Per Aekali, Vol. 1
  • Produced & Directed By - K.C.Maloo (Veena Music Pvt. Ltd., Jaipur, Rajasthan, India)
  • Music Composer - Nirmal Mishra
  • Singer - Seema Mishra , Mukesh Bagda
  • Lyrics : Nirmal Mishra
  • Label: Veena Music
  • Copyright: Oriental Audio Visual Electronics
  • Release Date : 1-Jan-2002

मिश्री को बाग़ लगा दे रसिया Mishri Ko Baag Laga De Rasiya Lyrics

मिसरी को......

मिसरी को बाग़ लगा दे रसिया
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लाग
खारी लागे रे म्हाने खारी लागे
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लाग

मिसरी को बाग़ लगा दे रसिया..

रंग रंगीला म्हारा साहेब थे तो
थांकी सांवली सूरत मतवाली लाग
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लाग

मिसरी को बाग़ लगा दे रसिया..

सामली पड़ौसन तीखो सुरमो सारे
ठुमका करती छम छम चाले
बा तो फुट्योड़ी सी म्हाने इक झारी लाग
उजड़ी सी म्हाने इक क्यारी लागे

मिसरी को बाग़ लगा दे रसिया
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लाग

थे भी तो बीने लुक छिप ताको
खिड़की खोलो झुक झुक ताको
म्हाने सामली पड़ोसन कामणकारी लागे
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लागे..

म्हे साहेब थाने लागूं हूँ पुराणी
इसी बातां मत कर सुण ले ऐ स्याणी
तू तो म्हाने रूप की धिराणी लागे
प्यारी प्यारी म्हारी घरआली लाग
मिसरी को बाग़ लगासा गोरिये,
नीम की निम्बोली थाने खारी लागे

मिसरी को बाग़ लगा दे रसिया
नीम की निम्बोली म्हाने खारी लागे

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