परशुराम ने कर्ण को श्राप दिया? | Parshuram And Karna Story In Hindi

कर्ण, द्वापर युग के महान योद्धा, अपनी वीरता और उदारता के लिए प्रसिद्ध थे। लेकिन उनके जीवन में मिले दो श्राप उनकी मृत्यु का कारण बने। यह कहानी हमें बताती है कि कैसे कर्ण ने अपने जीवन में चुनौतियों का सामना किया और अंततः महाभारत के युद्ध में उनकी मृत्यु कैसे हुई।

परशुराम ने कर्ण को श्राप दिया कहानी

कर्ण, जिन्हें सूर्यपुत्र के नाम से भी जाना जाता है, एक सूत पुत्र थे। उनका सपना था एक महान धनुर्धर बनने का, लेकिन उनके जन्म के कारण उन्हें शिक्षा पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जब गुरु द्रोणाचार्य ने उन्हें शिक्षा देने से मना कर दिया, तो कर्ण निराश होकर भगवान परशुराम के पास गए। परशुराम केवल ब्राह्मणों को शिक्षा देते थे, इसलिए कर्ण ने झूठ बोलकर खुद को ब्राह्मण बताया।

भगवान परशुराम ने कर्ण को अपनी विद्या सिखानी शुरू कर दी। एक दिन, जब परशुराम कर्ण की जंघा पर सिर रखकर सो रहे थे, एक बिच्छू ने कर्ण को काट लिया। कर्ण ने गुरु की नींद न टूटे, इसलिए बिच्छू के डंक को सहन किया। जब परशुराम जागे और खून देखा, तो उन्होंने कर्ण को क्षत्रिय समझकर उसे श्राप दे दिया कि जब उसे विद्या की सबसे ज्यादा जरूरत होगी, तब वह काम नहीं आएगी।

इस घटना के बाद, कर्ण ने परशुराम को अपनी असली पहचान बताई, जिससे परशुराम को पछतावा हुआ, लेकिन श्राप वापस नहीं लिया जा सकता था। उन्होंने कर्ण को अपना विजय धनुष वरदान स्वरूप दिया।

कुछ समय बाद, कर्ण जंगल में एक राक्षस का पीछा कर रहे थे। उन्होंने राक्षस पर निशाना साधा, लेकिन वह बाण गलती से एक गाय को लग गया और गाय की मौत हो गई। उस गाय के स्वामी, एक ब्राह्मण ने कर्ण को श्राप दिया कि जैसे उसने एक निर्दोष गाय को मारा, वैसे ही उसकी मृत्यु भी होगी।

महाभारत के युद्ध में, इन दोनों श्रापों का प्रभाव दिखाई दिया। युद्ध के दौरान, कर्ण के रथ का पहिया दलदल में फंस गया। जब कर्ण उसे निकालने के लिए रथ से उतरे, तब अर्जुन ने बाण चलाया और कर्ण की मृत्यु हो गई।

कहानी से सीख

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि भले ही हम कितने भी वीर और उदार हों, हमें अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। सच्चाई, धर्म और कर्म की शक्ति को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. कर्ण को पहला श्राप किसने दिया था और क्यों?
  • कर्ण को पहला श्राप भगवान परशुराम ने दिया था क्योंकि उन्होंने कर्ण को क्षत्रिय समझा था और इसलिए जब कर्ण ने झूठ बोलकर विद्या प्राप्त की, तो परशुराम ने उन्हें श्राप दिया कि उनकी विद्या समय पर काम नहीं आएगी।
  1. कर्ण को दूसरा श्राप किसने दिया और किस कारण से?
  • कर्ण को दूसरा श्राप एक ब्राह्मण ने दिया क्योंकि कर्ण के बाण से उसकी गाय की मृत्यु हो गई थी।
  1. परशुराम ने कर्ण को क्या वरदान दिया था?
  • भगवान परशुराम ने कर्ण को अपना विजय धनुष वरदान स्वरूप दिया।
  1. महाभारत के युद्ध में कर्ण की मृत्यु कैसे हुई?
  • महाभारत के युद्ध में कर्ण का रथ दलदल में फंस गया और जब कर्ण रथ से उतरे, तब अर्जुन ने उन पर बाण चलाया जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
  1. कर्ण की कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
  • कर्ण की कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमारे कर्मों का फल हमें भोगना ही पड़ता है और सच्चाई और धर्म की शक्ति को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए।

Leave a Comment