विश्वासघात- राजा रानी की कहानी | Betrayal Story Of King And Queen In Hindi

प्राचीन काल की कहानियों में राजाओं और रानियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत किया गया है। ऐसी ही एक कहानी है लखनपुर के राजा भीमा की, जो अपनी प्रजा के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने में निपुण थे। परंतु संतान सुख से वंचित होने के कारण उनके जीवन में दुख का साया बना रहा। उनकी संतान प्राप्ति की कथा और उसके बाद की घटनाएं अत्यंत रोचक और शिक्षाप्रद हैं।

विश्वासघात- राजा रानी की कहानी:

कई वर्षों पहले, लखनपुर नाम के राज्य में राजा भीमा का शासन था। राजा भीमा अपने राज्य और प्रजा के प्रति अत्यंत समर्पित थे, लेकिन उनकी और रानी की कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ किए, परंतु सफलता नहीं मिली।

एक दिन, एक महर्षि ने उन्हें एक विशेष यज्ञ करने की सलाह दी। यज्ञ समाप्त होने के बाद, राजा को एक सुंदर कन्या की प्राप्ति हुई। पूरी प्रजा और राजपरिवार में खुशी का माहौल छा गया। राजा ने अपने राज्यवासियों को भोज पर आमंत्रित किया और अपनी खुशी साझा की।

समय बीतने लगा और राजकुमारी बड़ी होकर एक सुंदर और गुणवान युवती बन गई। लेकिन एक दिन, अचानक राजकुमारी गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। राजवैद्य और देश के प्रसिद्ध चिकित्सक भी उसका इलाज नहीं कर सके। राजा भीमा को लगा कि वे फिर से निसंतान हो जाएंगे।

तभी, एक दिन दूर देश से एक अजीबोगरीब वैद्य आया, जिसने दावा किया कि वह राजकुमारी को ठीक कर सकता है। उसकी वेशभूषा देखकर राजमहल के सैनिकों ने उसे अंदर नहीं जाने दिया, लेकिन उसके आत्मविश्वास और आग्रह पर राजा ने उसे एक मौका देने का निर्णय लिया।

वैद्य ने राजकुमारी का निरीक्षण किया और जड़ी-बूटियों से बनी दवा दी। उसने राजा से कहा कि राजकुमारी जल्द ही ठीक हो जाएगी। अगले दो महीनों में राजकुमारी की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उसके चेहरे पर फिर से रौनक लौट आई। वैद्य ने एक महीने की दवा और दी और कहा कि इससे राजकुमारी पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी।

राजा भीमा ने वैद्य को बुलाकर उसके इनाम के बारे में पूछा। वैद्य ने राजा से आधा राज्य और राजकुमारी का हाथ मांगा। यह सुनकर राजा क्रोधित हो गया और वैद्य को राज्य से बाहर निकालने का आदेश दिया।

कुछ दिनों बाद, राजकुमारी फिर से बीमार पड़ गई और इस बार उसकी हालत और भी गंभीर हो गई। राजवैद्य ने बताया कि उसे जहर दिया गया है और इसका तोड़ किसी के पास नहीं है। अंततः राजकुमारी ने दम तोड़ दिया। राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जांच करने पर पता चला कि वैद्य ने जो दवा दी थी, उसमें एक पुड़िया में जहर था। वैद्य ने पहले ही शंका की थी कि राजा उसकी शर्त नहीं मानेगा, इसलिए उसने यह चाल चली थी।

विश्वासघात- राजा रानी की कहानी से सीख:

अगर किसी से कोई वादा किया है, तो उसे पूरा करना चाहिए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

  1. राजा भीमा की समस्या क्या थी?
  • राजा भीमा की कोई संतान नहीं थी, जिससे वे और रानी दुखी रहते थे।
  1. राजकुमारी को कैसे प्राप्त किया गया?
  • महर्षि के कहने पर एक विशेष यज्ञ करने के बाद राजा को एक सुंदर कन्या की प्राप्ति हुई।
  1. राजकुमारी की बीमारी का क्या कारण था?
  • वैद्य द्वारा दी गई दवा में से एक पुड़िया में जहर था, जिससे राजकुमारी की हालत बिगड़ गई।
  1. वैद्य ने राजा से क्या इनाम मांगा?
  • वैद्य ने राजा से आधा राज्य और राजकुमारी का हाथ मांगा।
  1. कहानी से क्या सीख मिलती है?
  • किसी से वादा किया है, तो उसे पूरा करना चाहिए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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